रात की छाया [Verse] रात के शिविर में फूल खिले, हम दोस्त बैठे गीत गाए। [Chorus] मुझे गीत लगे रात के आँचल में, मृदु बातें बोले दोस्त के गले। हर फूल के बीच दिल की रात है, समय बदले बिना रात नहीं रहे। [Outro] रात की छाया नई दिल बनाए।